Saturday, August 4, 2012


कुछ निशानियाँ आपकी कुछ निशानियाँ हमारी,
आओ चलें मित्रता का इक मंदिर बनालें,
मिटा लें सारी दूरियाँ
सपनों का इक घर बसालें |
-Priyadarshan Shastri

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