क्या उतरेगा आँखों में समंदर का पानी
जा के पूछ दरियाओं से कि किसके अश्क़ बहते हैं उसके दामन में |- Priyadarshan Shastri
Thursday, November 22, 2012
ईश्वरोच्चारित शब्द की तरह हो यदि तुम
तो अर्थ क्यों तलाशते हो
क्यों ढूंढते हो परिभाषा अपनी, मेरी तरह
मैं तो उस शब्द की तरह हूँ जो
भाग्य की लकीरों पर लिखा जाता है
पर तुम्हारा लेख तो खुद ईश्वर है |- प्रियदर्शन शास्त्री
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